उन सबके लिए जो सबका ख़याल रखती हैं

सबका ख़याल रखती हैं। अपना कब?

सुबह से रात तक घर, बच्चे, बड़े, रिश्तेदार — और आपके लिए दस मिनट भी नहीं। एक मुफ़्त सत्र में साँस का वह अभ्यास सीखिए जो आपको फिर से हल्का महसूस कराए।

  • 45 मिनट, घर बैठे ऑनलाइन — या रविवार सुबह रोहिणी सेंटर पर
  • बिल्कुल मुफ़्त, आगे जुड़ने की कोई मजबूरी नहीं
  • आर्ट ऑफ़ लिविंग के अनुभवी शिक्षक
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अगला मुफ़्त सत्र: शनि, 3 अक्टू॰, 6:30 pm · ऑनलाइन · हमारे किसी शिक्षक के साथ

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सिर्फ़ 30 सेकंड। हम WhatsApp पर पुष्टि करेंगे।

परिचय सत्र बिल्कुल मुफ़्त है। पहले से कुछ आना ज़रूरी नहीं।

50+साल का संयुक्त अनुभव, तीनों शिक्षकों का
3अनुभवी शिक्षक सत्र लेते हैं
180+देशों में आर्ट ऑफ़ लिविंग

क्या यह आपकी भी कहानी है?

जो बातें आप पर लागू होती हैं, उन पर टिक करें।

जो सबको संभालती है, उसे कौन संभालता है?

आप परिवार की धुरी हैं। सब कुछ आपके भरोसे चलता है। पर जो इंसान रोज़ सबको देता है, वह धीरे-धीरे अंदर से ख़ाली हो जाता है — और यह किसी को दिखता नहीं, कई बार ख़ुद आपको भी नहीं।

थोड़ा समय अपने लिए निकालना स्वार्थ नहीं है। जब आप हल्की और ख़ुश रहती हैं, तो पूरा घर हल्का रहता है।

आपका सुकूनआपकी सेहतघर का माहौलआपकी मुस्कान

जो आमतौर पर आज़माया जाता है

'बस थोड़ा आराम कर लूँ'

आराम का समय मिलता ही कहाँ है। और मिले भी, तो मन काम की सूची में लगा रहता है।

टीवी या फ़ोन

कुछ देर ध्यान बँटता है, पर मन हल्का नहीं होता।

सहेलियों से बात

दिल हल्का होता है, पर अगले दिन वही थकान फिर लौट आती है।

सब सह लेना

सबसे आम तरीक़ा। और सबसे महँगा भी — क़ीमत आपकी सेहत और ख़ुशी चुकाती है।

थकान सिर्फ़ शरीर में नहीं, मन में भी जमा होती है। साँस उसे बाहर निकालने का सबसे आसान रास्ता है।

साँस से मन कैसे हल्का होता है

जब हम लगातार तनाव में रहते हैं, तो हमारी साँस छोटी और तेज़ हो जाती है — और हमें पता भी नहीं चलता। ऐसी साँस शरीर को बताती रहती है कि 'अभी आराम का समय नहीं है'।

सुदर्शन क्रिया और आर्ट ऑफ़ लिविंग के साँस के अभ्यास इसी को बदलते हैं। लय से ली गई गहरी साँस शरीर को संदेश देती है कि अब सब ठीक है, और मन अपने आप शांत होने लगता है।

तनाव में
  1. छोटी, तेज़ साँस
  2. शरीर हमेशा तना हुआ
  3. मन भारी और चिड़चिड़ा
अभ्यास के बाद
  1. गहरी, लयबद्ध साँस
  2. शरीर को आराम
  3. मन हल्का और शांत

मुफ़्त सत्र में क्या होगा

  1. 0–10

    आराम से बैठिए

    थोड़ी-सी जान-पहचान। कैमरा चालू रखना ज़रूरी नहीं।

  2. 10–25

    पहला अभ्यास

    कुर्सी पर बैठकर, बहुत आसान। कोई मंत्र नहीं, कोई कठिन आसन नहीं।

  3. 25–40

    यह कैसे काम करता है, और आपके सवाल

    जो पूछना हो, बेझिझक पूछिए।

  4. 40–45

    पूरे प्रोग्राम के बारे में

    एक बार, साफ़-साफ़। फ़ैसला आप बाद में आराम से करें।

सेक्टर 11, रोहिणी सेंटर की एक झलक

असली सत्र, उत्तर दिल्ली के असली लोग। रविवार का सत्र इसी हॉल में होता है।

आपके शिक्षक

मुफ़्त सत्र आर्ट ऑफ़ लिविंग के तीन शिक्षक लेते हैं। हर सत्र के साथ लिखा है कि कौन लेगा, ताकि आपको पता रहे आप किससे मिलेंगी।

Atul Saini

Atul Saini

Art of Living teacher since 2008 · Entrepreneur

Associated with the Art of Living for 26 years and teaching since 2008. An entrepreneur himself, Atul knows what a mind carrying work, business and family feels like, and teaches practical ways to put that weight down every day.

Savitri Ji

Savitri Ji

Art of Living teacher since 2008

Savitri Ji has been teaching Art of Living programs since 2008 and leads regular Happiness Program batches at the Sector 11 centre in Rohini. Warm, patient and practical, she makes the first breath practice feel easy for everyone in the room.

Vinay Kumar

Vinay Kumar

Art of Living faculty · Yoga expert · 15+ years

An experienced Art of Living faculty member and yoga expert with more than 15 years of guiding people towards greater happiness, inner calm and a stress-free life.

असली लोग, असली बदलाव

एक गृहिणी, एक बिज़नेस ओनर, एक आईटी प्रोफ़ेशनल और एक मेडिकल प्रोफ़ेशनल: सुदर्शन क्रिया सीखने के बाद क्या बदला।

गृहिणी
आईटी प्रोफ़ेशनल
बिज़नेस ओनर
मेडिकल प्रोफ़ेशनल

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अपना सत्र चुनें

हर हफ़्ते कई मुफ़्त सत्र होते हैं। जो समय आपको ठीक लगे, वह चुनें; बाद में बदल भी सकते हैं।

  • शनि, 3 अक्टू॰, 6:30 pmZoom पर ऑनलाइन · हमारे किसी शिक्षक के साथ
  • रवि, 4 अक्टू॰, 9:00 amArt of Living Happiness Centre, Sector 11, Rohini · हमारे किसी शिक्षक के साथ
  • मंगल, 6 अक्टू॰, 9:00 pmZoom पर ऑनलाइन · हमारे किसी शिक्षक के साथ
  • गुरु, 8 अक्टू॰, 9:00 pmZoom पर ऑनलाइन · हमारे किसी शिक्षक के साथ

हम कहाँ मिलते हैं

ऑनलाइन सत्र Zoom पर होते हैं। जुड़ने का लिंक साइन अप के बाद WhatsApp पर आएगा।

सेंटर के सत्र यहाँ होते हैं:

The Art of Living Happiness Centre
C3-81, Pocket 3, Sector 11C, Rohini, Delhi 110085

📍 Google Maps में खोलें

साइन अप से पहले कोई सवाल? WhatsApp +91 70424 80072

मुफ़्त सत्र बुक करें

हम कॉल करके पुष्टि करेंगे। आपका नंबर किसी से साझा नहीं होगा।

परिचय सत्र बिल्कुल मुफ़्त है। पहले से कुछ आना ज़रूरी नहीं।

आने से पहले लोग क्या पूछते हैं

मेरे पास समय नहीं है।

सत्र सिर्फ़ 45 मिनट का है, घर बैठे। रविवार सुबह 9 बजे रोहिणी सेंटर पर भी होता है, जब घर में बाक़ी लोग हों।

क्या यह धार्मिक है?

नहीं। यह साँस पर आधारित अभ्यास है, जिसे हर धर्म और उम्र के लोग करते हैं।

मुझे ऑनलाइन जुड़ना नहीं आता।

कोई बात नहीं। बुक करने के बाद हम फ़ोन करके Zoom पर जुड़ना सिखा देंगे। या रविवार को सेंटर पर आ जाइए।

क्या बाद में कुछ ख़रीदने का दबाव होगा?

नहीं। आख़िर में शिक्षक पूरे प्रोग्राम के बारे में एक बार बताएँगे। फ़ैसला पूरी तरह आपका।

क्या मुझे कैमरा चालू रखना होगा?

नहीं। पहले सत्र में बहुत लोग कैमरा बंद रखते हैं।

अगर बुक किए समय पर न आ पाऊँ?

WhatsApp पर बता दीजिए, हम अगले सत्र में रख देंगे। हर हफ़्ते चार सत्र होते हैं।

45 मिनट, सिर्फ़ अपने लिए।

कुछ तैयारी नहीं, कोई फ़ीस नहीं, कोई दबाव नहीं। बस एक शाम, जो आप अपने लिए रखें।

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